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ऑनलाइन भुगतान करें

पंजीकृत उपभोक्ता को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि भुगतान मान्य क्रेडिट/डेबिट कार्ड के माध्यम से किया जाता है, जिसके लिए उपभोक्ता को कार्ड धारक को प्रमाणित करने की आवश्यकता पड़ सकती है, यदि टाटा पावर-डीडीएल को भविष्य में ऐसा करने की आवश्यकता पड़ती है।

नेट बैंकिंग भुगतान

नेट बैंकिंग सुविधा पर कोई न्यूनतम या अधिकतम भुगतान सीमा नहीं है।

उपभोक्ता द्वारा किए गए भुगतान पर जारीकर्ता बैंक/भुगतान गेटवे आदि द्वारा कोई प्रोसेसिंग फील / शुल्क नहीं लिया जाएगा।

सीमा पार से भुगतान

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओनिंग ने 9 सीमा पार से भुगतान दिसंबर को हुई प्रेस वार्ता में चीन और सऊदी अरब के बीच पहली बार चीनी मुद्रा रनमिनपी का सीमा-पार प्रयोग पर जानकारी देते हुए कहा कि रनमिनपी का सीमा-पार प्रयोग चीन-अरब देशों के व्यापार में अहम भूमिका निभाता है। यह चीन और अरब देशों के बीच व्यापार के सरलीकरण का एक नया उदाहरण है।

ध्यान रहे प्रथम चीन–अरब देशों की शिखर सीमा पार से भुगतान बैठक से पहले विश्व सुपरबाजार से मशहूर चीन के यूहु शहर और सऊदी अरब के बीच पहली बार रनमिनपी का सीमा-पार भुगतान हुआ है।

प्रवक्ता ने इसे एक अच्छी खबर बतायी, और सीमा पार से भुगतान कहा कि पिछले दस साल में चीन-अरब देशों का आर्थिक व व्यापारिक सहयोग निरंतर नयी मंजिल पर पहुंच रहा है।

प्रेस वार्ता में डीपीआरके की स्थिति के सवाल के जवाब में चीनी प्रवक्ता ने आशा व्यक्त की कि संबंधित पक्ष कोरियाईप्रायद्वीप सवाल के मूल कारण देखेंगे और संतुलित रूप से अपनी चिंता खासकर डीपीआरके की समुचित चिंता का समाधान करेंगे ।

प्रेस वार्ता में प्रवक्ता ने यह भी बताया कि चीन जर्मनी द्वारा वहां रह रहे चीनी नागरिकों को साइनोवैक का कोविड-19 रोधी टीका लगाने की मंजूरी देने का स्वागत करता है।

यूपीआई से सीमा पार के व्यापारी भारत में कर सकेंगे पेमेंट

Nitika Ahluwalia

टेरापे ने एनपीसीआई इंटरनेशनल के साथ करार किया है। इससे सीमा पार के व्यापारियों को भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) आईडी बनाने और वहां से आने वाली पेमेंट को स्वीकार करने की अनुमति मिल सकेगी।

टेरापे ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड के साथ पार्टनरशिप की, ताकि सीमा पार के व्यापारियों को भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) आईडी बनाने और वहां से आने वाली पेमेंट को स्वीकार करने की अनुमति मिल सके। इस पार्टनरशिप की वजह से यूपीआई आईडी(350 मिलियन बैंक खातें) वाले भारतीय ग्राहक वैश्विक स्तर पर टेरापे के माध्यम से क्यूआर लोकेशन पर लेनदेन कर सकेंगे।

दोनों कंपनियां मिलकर यूपीआई पेमेंट और क्यूआर समाधानों को मजबूत करना चाहती हैं। यह पार्टनरशिप सीमा पार से आने वाली पेमेंट के लिए यूपीआई और क्यूआर कोड के उपयोग को और बढ़ाएगी। यह पहल विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में यूपीआई ऐप के उपयोग में तेजी लाएगा और कैशलेस लेनदेन के लिए डिजिटल ड्राइव को बढ़ाएगा।इसके अलावा यूपीआई पेमेंट और क्यूआर लेनदेन प्रमाणीकरण के दो कारक है। इससे विवाद और शिकायत निवारण के मुद्दे भी काफी कम हो जाएंगे।

यूपीआई भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा विकसित एक रीयल-टाइम पेमेंट (आरटीपी) सिस्टम है। यह विश्व स्तर पर सबसे सफल आरटीपी सिस्टम में से एक है, जो भारत में व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) और व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) के लेनदेन में सुरक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2021 में यूपीआई ने 940 बिलियन (~ 39 बिलियन लेनदेन) के कॉमर्स को सक्षम किया। अगस्त 2022 में लेनदेन की मात्रा 6.56 बिलियन को पार कर गई।वैश्विक स्तर पर टेरापे 4.5 अरब से ज्यादा बैंक खातों और 1.5 अरब से ज्यादा मोबाइल वॉलेट में पेमेंट की प्रक्रिया करती है।

टेरापे में प्रोडक्ट और सॉल्यूशन के प्रेसिडेंट रितेश पाई ने कहा हमारी महत्वाकांक्षा और उद्देश्य तेजी से विकास, नीवन और पारदर्शी सीमा पार पेमेंट सॉल्यूशन को सहयोग और विकसित करना है। यह प्रयास एक नई वास्तविकता सीमा पार से भुगतान की नींव स्थापित करने के इरादे से है। एनआईपीएल के साथ हमारी पार्टनरशिप सीमा पार से आने वाली पेमेंट, तत्काल, लागत प्रभावी, सभी के लिए सुलभ, और एक सुरक्षित माध्यम में व्यवस्थित करने के लिए एक ऐसा मजबूत कदम है, जिससे वैश्विक पेमेंट इकोसिस्टम में मूल्य को जोड़ता है।

एनपीसीआई के बारे में

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को 2008 में भारत में रिटेल और सेटलमेंट पेमेंट के संचालन के लिए स्थापित किया गया था।एनपीसीआई ने देश में एक मजबूत पेमेंट और सेटलमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया है।

सीमा पार से भुगतान

धन प्रेषण सेवाएं

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इलेक्ट्रॉनिक मनी आर्डर

मनी ऑर्डर पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी किया गया एक ऐसा ऑर्डर होता है जो उस व्यक्ति को किसी धनराशि के भुगतान के लिए जारी किया जाता है जिसके नाम पर पोस्ट ऑफिस की एजेंसी के माध्यम से मनी ऑर्डर भेजा जाता है। राशि का 'प्राप्तकर्ता' वही व्यक्ति होता है जिसका नाम उस मनी ऑर्डर पर राशि प्राप्तकर्ता के रूप में उल्लेखित होता है। मनी ऑर्डर के माध्यम से किसी को पैसे भेजने का लाभ यह है कि पैसा उसके घर या उसके ठहरने के स्थान पर ही दिया जाता है।​

मनी आर्डर भेजने की प्रक्रिया

डाकघर के काउंटर से एक मनी ऑर्डर फॉर्म खरीदें। प्रेषक वह व्यक्ति होता है जो मनी ऑर्डर भेजता है।

जरूरी प्रविष्टियों को स्याही से भरें और नीचे बने स्थान पर हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाएँ। हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान के बिना कोई भी फॉर्म अपूर्ण माना जायेगा और किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया सीमा पार से भुगतान जाएगा। प्रेषक द्वारा या उनकी ओर से किसी भी व्यक्ति द्वारा फॉर्म में दी गयी सभी सीमा पार से भुगतान प्रविष्टियों को सुगम रूप से हिंदी, अंग्रेज़ी या प्राप्तकर्ता के जनपद की भाषा में भरा होना चाहिए। प्रेषक कूपन पर प्राप्तकर्ता को अपनी इच्छानुसार कोई सूचना भी दे सकता है। एक बार​ में अधिकतम 5000/- रुपये तक की राशि के लिए मनी ऑर्डर जारी किया जा सकता है।

मनी ऑर्डर फॉर्म विधिवत भरा गया हो, साथ ही भेजी जाने वाली धनराशि और कमीशन या तो नकदी में या चेक द्वारा डाकघर काउंटर पर दिया जाना चाहिए।

मनी ऑर्डर और कमीशन के रूप में प्रेषक द्वारा भुगतान की गई राशि के लिए एक रसीद दी जाएगी। रसीद में किसी भी त्रुटि या चूक को प्रेषक द्वारा वहीं पर तुरंत इंगित किया जाना चाहिए, अन्यथा इसके लिए डाकघर जिम्मेदार नहीं होगा।

प्राप्तकर्ता को पैसे का भुगतान करने के बाद मनी ऑर्डर प्रेषक को प्राप्तकर्ता या उसके अधिकृत एजेंट द्वारा हस्ताक्षरित मनी सीमा पार से भुगतान ऑर्डर की राशि का भुगतान प्राप्त करने की पावती मिलती है। अगर उचित समय में यह पावती प्राप्त नहीं की जाती है, तो ऑफिस के पोस्टमास्टर द्वारा हस्ताक्षरित भुगतान प्रमाण पत्र एक आवेदन पर दिया जाएगा। हालाँकि, सरकारी अथवा जिला, स्थानीय या नगरपालिका बोर्ड के पक्ष में जारी किए गए मनी ऑर्डर के संदर्भ में, कुछ मामलों में पावती उस प्राप्तकर्ता द्वारा बरकरार रखी जाती है जिसके द्वारा प्रेषक के लिए सीधे ही विभागीय रसीद जारी की गयी है।​

सरकारी बकाया राशि के लिए कुछ विशेष प्रकार के मनी ऑर्डर फॉर्म निर्धारित किए गए हैं और उनमें से कुछ केवल उन्हीं राज्य की सीमाओं के भीतर ही लागू होते हैं जिनके लिए उन्हें जारी किया गया होता है। इन फॉर्मों को संबंधित डाकघरों से प्राप्त किया जा सकता है।

नोट 1:- यदि उस देश के डाकघर में मूल रूप से मनी ऑर्डर का भुगतान किया गया हो और पहले से भुगतान की गई अंतर्देशीय दर पर कमीशन को पुनर्निर्देशित आदेश की धनराशि से घटाया जाएगा, अगर गंतव्य देश इसकी पेशकश करता है।

नोट 2:-विदेश में भेजे जाने वाले मनी ऑर्डर की धनराशि यदि निर्धारित सीमा से अधिक है तो ऐसे मामले में किसी भी कानून या विनियमन के तहत प्रेषण के लिए इस तरह के पुनर्निर्देशन के समय, प्रेषक या भुगतानकर्ता को चाहिए कि वह भारत में मनी ऑर्डर की धनराशि के भुगतान का आदेश व्यक्तिगत रूप से या विधिवत अधिकृत एजेंट के माध्यम से या भारतीय रिज़र्व बैंक के प्राधिकारी से विदेशी मनी ऑर्डर के द्वारा भेजने का आदेश प्राप्त करे।

मनी ऑर्डर के भुगतान न होने की स्थिति में प्रेषक के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि या तो प्राप्तकर्ता का पता परिवर्तित किया जाए अथवा वह डाक घर जिस पर मनी ऑर्डर देय किया गया था, का नाम परिवर्तित किया जाए। आवश्यक परिवर्तन प्रेषक द्वारा उस डाकघर को लिखित में आवेदन करने पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के किया जाएगा, जिस डाकघर से मनी ऑर्डर जारी किया गया था और रसीद दिया गया तथा प्राप्तकर्ता के पते का पूर्ण विवरण मनी ऑर्डर में दर्ज किया गया था।

प्राप्तकर्ता के नाम का परिवर्तन : -

मनी ऑर्डर, जिसका अभी भुगतान नहीं हुआ है, के प्रेषक को ऐसी आवश्यकता हो सकती है कि उसका भुगतान मनी ऑर्डर में नामित प्राप्तकर्ता को न करके किसी दूसरे व्यक्ति को किया जाए। आवश्यक परिवर्तन प्रेषक द्वारा उस डाकघर को लिखित में आवेदन करने तथा पहली बार के बराबर पुनः कमीशन का भुगतान करने पर किया जाएगा, जिस डाकघर से मनी ऑर्डर जारी किया गया था और रसीद दिया गया तथा प्राप्तकर्ता के पते का पूर्ण विवरण मनी ऑर्डर में दर्ज किया गया था।

मनी ऑर्डर, जिसका अभी भुगतान नहीं किया गया है, का प्रेषक उसके भुगतान को रोक सकता है तथा उसे ऐसी आवश्यकता हो सकती है कि उसका पुनर्भुगतान उसे स्वयं किया जाए। आवश्यक परिवर्तन प्रेषक द्वारा उस डाकघर को लिखित में आवेदन करने पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के किया जाएगा, जिस डाकघर से मनी ऑर्डर जारी किया गया था और रसीद दिया गया तथा प्राप्तकर्ता के पते का पूर्ण विवरण मनी ऑर्डर में दर्ज किया गया था। हालाँकि किसी भी मामले में प्रेषक के अनुरोध के अनुपालन में मनी सीमा पार से भुगतान ऑर्डर का भुगतान रोकने में असमर्थता या किसी अन्य प्रकार की विफलता के लिए डाकघर जिम्मेदार होगा।​

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