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क्रिप्टो को करेंसी की बजाए एसेट के रूप में मान्यता दे पर विचार कर सकती है सरकार, जानिए आप पर पड़ेगा क्या असर

क्रिप्टो पर जारी असमंजस के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए स्थिति स्पष्ट की है।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: December 06, 2021 10:23 IST

क्रिप्टो को करेंसी की. - India TV Hindi

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क्रिप्टो को करेंसी की बजाए एसेट के रूप में मान्यता दे सकती है सरकार, जानिए आप पर पड़ेगा क्या असर

Highlights

  • केंद्रीय केबिनेट इसी हफ्ते क्रिप्टो को लेकर तैयार कानून पर चर्चा कर सकती है
  • सरकार इसका नाम और उपयोग बदलकर क्रिप्टो एसेट करने पर विचार कर रही है
  • कैबिनेट की मंजूरी के बाद बिल मौजूदा शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बीतेे महीने से जारी उलझन क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज से संबंधित सवाल जवाब जल्द सुलझ सकती है। केंद्रीय केबिनेट इसी हफ्ते क्रिप्टो को लेकर तैयार कानून पर चर्चा कर सकती है। शुरुआत में जब क्रिप्टो पर बैन लगाने की बात सामने आई थी। उसके बाद से बिटकॉइन समेत सभी प्रमुख क्रिप्टो करेंसी की कीमतें धड़ाम हो गई थीं। हालांकि अब पता चला है कि सरकार का क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध लगाने का कोई इरादा नहीं है। सरकार इसका नाम और उपयोग बदलकर क्रिप्टो एसेट करने पर विचार कर रही है। इसका मतलब यह है कि यह किसी मुद्रा के रूप में ट्रांजेक्शन के रूप में काम नहीं आएगी, बल्कि इसे एक एसेट माना जाएगा, जिसमें आप पैसा निवेश कर सकते हैं। इसे सेबी द्वारा विनियमित किया जाएगा।

क्रिप्टो पर जारी असमंजस के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए स्थिति स्पष्ट की है। राज्यसभा में क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद क्रिप्टो करेंसी सम्बन्धी बिल मौजूदा शीतकालीन सत्र के तीसरे सप्ताह में पेश किया जाएगा। यह एक जोखिम भरा क्षेत्र है जो पूर्ण नियामक ढांचे में नहीं है। इसलिए इस पर रोक लगाने का कोई फैसला नहीं लिया गया, बल्कि आरबीआई और सेबी के माध्यम से जनजागरूकता पैदा करने के लिए कतिपय कदम उठाए जा रहे हैं। इस सम्बन्ध में सरकार जल्द ही एक विधेयक पेश करेगी।

क्रिप्टो पर प्रतिबंध की गुंजाइश नहीं

सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने के बजाय एक नियामक ढांचे के तहत लाने का फैसला किया है। इस बाबत प्रस्तावित एक कानून के तहत डिजिटल मुद्रा क्रिप्टो करेंसी का नाम बदलकर क्रिप्टो-एसेट कर दिया जाएगा और इसे सेबी के नियामक दायरे में लाया जाएगा। वहीं, इस मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने के बजाय एक नियामक ढांचे के तहत लाने का सही फैसला किया है, जिससे कि ऐसी संपत्तियों पर चीन जैसी किसी कार्रवाई की आशंकाओं को शांत किया जा सके।

क्रिप्टो करेंसी नहीं ऐसेट होगी

प्रस्तावित कानून के तहत क्रिप्टोकरेंसी का नाम बदलकर क्रिप्टो-एसेट किया जाएगा और इसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियामक दायरे में लाया जाएगा। बता दें कि क्रिप्टो करेंसी पर सरकारी प्रतिबंध के बारे में छा चुकी आशंकाओं के कारण स्थानीय एक्सचेंजों पर भी कारोबार की जाने वाली क्रिप्टोकरेंसी के मूल्य में गिरावट आई। आलम यह है कि क्रिप्टो करेंसी पर बिल पेश करने के बारे में जारी एक सरकारी अधिसूचना के बाद, बिटकॉइन भारतीय एक्सचेंज साइट वज़ीरएक्स पर 13 प्रतिशत से अधिक गिर गया, जबकि शीबा इनु और डॉगकोइन दोनों 15 प्रतिशत से अधिक गिर गए।

Crypto Investing: BitCoin में निवेश से पहले इन बातों का रखें ख्याल, एक्सपर्ट्स ने वेबिनार के जरिए निवेशकों को दिए खास टिप्स

Crypto Investing: बिटक्वाइन (BitCoin) जैसी क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर अभी नीतिगत अनिश्चितता है लेकिन इसमें निवेश को लेकर आकर्षण बना हुआ है. ऐसे में निवेश को लेकर कुछ बातों पर विचार करना जरूरी है.

Crypto Investing: BitCoin में निवेश से पहले इन बातों का रखें ख्याल, एक्सपर्ट्स ने वेबिनार के जरिए निवेशकों को दिए खास टिप्स

Crypto Investing: बिटक्वाइन (BitCoin) जैसी क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर अभी नीतिगत अनिश्चितता है लेकिन इसमें निवेश को लेकर आकर्षण बना हुआ है. ऐसे में निवेश को लेकर कुछ बातों पर विचार करना जरूरी है.

Crypto Investing: बिटक्वाइन (BitCoin) जैसी क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर अभी नीतिगत अनिश्चितता है लेकिन इसमें निवेश को लेकर आकर्षण बना हुआ है. ऐसे में निवेश को लेकर कुछ बातों पर विचार करना जरूरी है जैसे कि इसे अपने पोर्टफोलियो में कितना रखना चाहिए. क्रिप्टो में निवेश से जुड़े सवालों के जवाब के लिए फाइनेंशियलएक्सप्रेसडॉटकॉम ने ‘क्रिप्टो ऐज ऐन एसेट क्लास’ विषय पर 22 दिसंबर को ‘मैनेज योर मनी’ वेबिनार आयोजित किया था जिसमें एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया कि निवेशकों को मौजूदा हालात में अपने पोर्टफोलियो में क्रिप्टो का हिस्सा अधिकतम 5-10 फीसदी रखना चाहिए. उन्होंने निवेशकों को क्रिप्टो में निवेश पर पूरे पैसे डूबने के रिस्क पर ही निवेश की सलाह दी.

एक्सपर्ट्स ने कहा कि क्रिप्टो में निवेश पर स्थिति सरकारी नीति आने के बाद और स्पष्ट हो जाएगी. मोदी सरकार शीतकालीन सत्र में ही क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक बिल लाने वाली थी लेकिन हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रिप्टोकरेंसी व क्रिप्टो एक्सचेंज को रेगुलेट करने के लिए सरकार आगामी बजट सत्र में बिल ला सकती है.

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क्रिप्टो नीति आने के बाद निवेश करने की सलाह

क्रिप्टोकरेंसी को पोर्टफोलियो में शामिल किए जाने के सवाल पर आईआईएफएल के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट व स्ट्रेटजी प्रमुक यश उपाध्याय ने कहा कि भारत सरकार और बाजार नियामक सेबी इसे रेगुलेट करने लगें तो निवेशकों के एक एसेट क्लास के रूप में क्रिप्टो में जरूर निवेश करना चाहिए. यश के मुताबिक पोर्टफोलियो में 5-10 फीसदी क्रिप्टो का होना चाहिए.

निवेश से पहले इन बातों का जरूर रखें ख्याल

  • यश के मुताबिक क्रिप्टो में पहली बार निवेश करते समय ब्लू चिप क्रिप्टो एसेट्स पर विचार करना चाहिए. इनका मार्केट कैप अधिक होता है यानी कि जब निवेशक अपनी क्रिप्टो होल्डिंग की बिक्री करेंगे तो उन्हें आसानी से इसके ग्राहक मिल जाएंगे.
  • निवेशकों को रेडिट, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया और अन्य इंफ्लूएंशर की सलाह के आधार पर क्रिप्टो की खरीद-बिक्री से जुड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए.
  • क्वाइनडीसीएक्स के एग्जेक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (ग्रोथ क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज से संबंधित सवाल जवाब एंड स्ट्रेटजी) मीनल ठुकराल के मुताबिक निवेश से पहले इसका जवाब खोजना चाहिए कि क्रिप्टो में निवेश क्यों करना है. अगर तुरंत मुनाफे के लिए निवेश करना चाहते हैं तो नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है. मीनल ने निवेशकों को क्रिप्टो में लंबे समय के निवेश की सलाह दी है और शुरुआत में 2-5 फीसदी पूंजी के साथ शुरुआत की सलाह दी है और फिर नियमित तौर पर निवेश करें.
  • क्रिप्टो में निवेश के लिए भरोसेमंद एक्सचेंज चुनें, मीनल के मुताबिक भरोसेमेंद एक्सचेंज जांच-परख के बाद ही अपने प्लेटफॉर्म पर किसी क्वाइन को लिस्ट करते हैं जिससे निवेशकों का रिस्क कम होता है.
  • निवेशकों को क्रिप्टो एसेट में उपलब्ध टोकन की सीमा को भी देखना चाहिए. जैसे कि बिटक्वाइन जैसी कई क्रिप्टो एसेट्स की सप्लाई लिमिटेड है लेकिन क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज से संबंधित सवाल जवाब Dogecoin की कोई अधिकतम सीमा नहीं है.
  • निवेश से पहले निवेशकों को क्वाइन सप्लाई के अलावा इसकी क्रेडिबिलिटी और इसके संस्थापकों पर भी विचार करना चाहिए.

क्रिप्टो का क्या है भविष्य?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक मौजूदा समय में क्रिप्टो मार्केट के भविष्य को लेकर स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता है. यश के मुताबिक लांग टर्म में क्रिप्टो और मजबूत हो सकता है. हालांकि उन्होंने निवेशकों को अभी क्रिप्टो में एक साथ अधिक पूंजी के निवेश से बचने की सलाह दी है और एसआईपी (सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान) जैसे विकल्पों पर भी गौर करने की सलाह दी है. मीनल के मुताबिक एसआईपी के जरिए निवेश से क्रिप्टो के भाव में भारी उतार-चढ़ाव से जुड़े रिस्क को भी कम करने में मदद मिलेगी.

क्रिप्टोकरेंसी को कहां होल्ड करें?

मीनल के मुताबिक अगर आप लंबे समय के लिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना चाहते हैं तो अपने क्रिप्टो एसेट्स को स्टोर करने के लिए हार्डवेयर एसेट्स पर गौर करना चाहिए. हालांकि अगर शॉर्ट टर्म के लिए या छोटी पूंजी निवेश कर रहे हैं तो एक भरोसेमेंद एक्सचेंज बेहतर विकल्प होगा. मीनल के मुताबिक अगर पोर्टफोलियो छोटा है तो क्रिप्टो एसेट्स को एक्सचेंज वॉलेट से हार्डवेयर वॉलेट में ले जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस ट्रांसफर में निश्चित फीस भी चुकानी होती है. हालांकि अगर क्रिप्टो में निवेश की गई पूंजी क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज से संबंधित सवाल जवाब अधिक है तो इसे ट्रांसफर करना बेहतर है. मीनल के मुताबिक एक वॉलेट से दूसरे में ट्रांसफर के लिए ट्रांजैक्शन चार्ज फिक्स होता है.

(आर्टिकल : राजीव कुमार)

(स्टोरी में दिए गए सुझाव/सलाह संबंधित शख्स के हैं. फाइनेंशियल एक्सप्रेस इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से पहले अपने सलाहकार से जरूर संपर्क कर लें.)

Karnataka Bitcoin Scam: घोटाले में पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के Cryptocurrency 'लापता' होने के दावे को दिया 'झूठा' करार

रॉबिन खंडेलवाला के खाते से 0.03 बिटकॉइन और तीन अन्य क्रिप्टो सिक्के जब्त किए गए और उन्हें पुलिस वॉलेट में स्थानांतरित कर दिया गया।

Image: Unsplash/Twitter- @PriyankKharge

कर्नाटक के पुलिस आयुक्त ने गुरुवार को 0.08 बिटकॉइन क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज से संबंधित सवाल जवाब के कथित रूप से गायब होने के संबंध में रिपोर्ट्स का जवाब दिया है। कर्नाटक पुलिस आयुक्त ने कांग्रेस नेता के बिटकॉइन लापता होने के दावे को 'बिल्कुल झूठा' करार दिया है। पुलिस ने कहा कि रॉबिन खंडेलवाला के खाते से 0.03 बिटकॉइन और तीन अन्य क्रिप्टो सिक्के जब्त किए गए और उन्हें पुलिस वॉलेट में स्थानांतरित कर दिया गया।

पुलिस ने कहा, "0.08 बिटकॉइन के साथ अन्य तीन क्रिप्टोकरेंसी (तत्कालीन दरों के अनुसार 2,50,438 रुपये मूल्य) को रॉबिन खंडेलवाला के खाते से जब्त कर लिया गया और पंचों की उपस्थिति में पुलिस वॉलेट में स्थानांतरित कर दिया गया। अदालत को इसकी विधिवत सूचना दी गई।"क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज से संबंधित सवाल जवाब

बता दें, कर्नाटक आयुक्त की तरफ से यह स्पष्टीकरण कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे द्वारा क्रिप्टो के 'गायब होने' पर सवाल उठाने के बाद आया है। एक ट्वीट में, चित्तपुर विधायक ने कहा, "0.8 बिटकॉइन को सुरक्षित रखने के लिए आरोपी के बटुए से क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज से संबंधित सवाल जवाब पुलिस वॉलेट में स्थानांतरित कर दिया गया था।

यह मामला 2020 का है जब श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीकी (26) को बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा ने ड्रग से संबंधित एक मामले में एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। उन पर क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करके ड्रग्स खरीदने और उन्हें राज्य भर के ग्राहकों को बेचने का आरोप लगाया गया था। उनकी गिरफ्तारी ने एक साल पहले कर्नाटक सरकार की ई-प्रोक्योरमेंट साइट को हैक करने सहित अपराधों की एक सीरीज को खोल दिया है।

आगे की जांच के दौरान 9 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान श्रीकी ने क्रिप्टो एक्सचेंज वेबसाइटों की कथित हैकिंग में अपनी संलिप्तता की बात कबूल किया। पुलिस ने कहा, "कहा जाता है कि हैकर श्रीकृष्ण के खाते से न तो कोई बिटकॉइन ट्रांसफर किया गया और न ही कोई बिटकॉइन गायब हुआ। यह सच है कि क्रिप्टोकरेंसी की जांच के लिए क्रिप्टोक्यूरेंसी एक्सचेंज से संबंधित सवाल जवाब बिटकॉइन खाता खोलना जरूरी समझा गया।"

पुलिस ने कहा कि उसे बिटकॉइन खाता खोलने के लिए दिसंबर 2020 में सरकार की अनुमति मिली थी। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने कहा, "बिटकॉइन की पहचान और जब्ती की प्रक्रिया के दौरान आरोपी श्रीकृष्ण ने एक बीटीसी वॉलेट दिखाया जिसमें 31.8 बीटीसी था। साइबर विशेषज्ञों, सरकारी पंचों की उपस्थिति में वॉलेट पासवर्ड बदल दिया गया था और पूरी प्रक्रिया को महाजर के तहत दर्ज किया गया था और अदालत में जमा किया गया था। साइबर विशेषज्ञों ने कहा कि आरोपी द्वारा दावा किया गया खाता एक लाइव वॉलेट था और उसके पास इसके लिए कोई निजी कुंजी नहीं थी।"

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