डे ट्रेडर्स के प्रकार

निवेशक अपनी जगह खोजने और मुनाफा बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करने का प्रयास करते हैं। उनमें से प्रत्येक अपने प्रोसेस, मेथड और उद्देश्य में भिन्न है। इन प्रकारों में शामिल हैं.

जो ट्रेडर डे ट्रेडिंग या इंट्राडे ट्रेडिंग में संलग्न होते हैं उन्हें डे ट्रेडर कहा जाता है। ट्रेडिंग के इस रूप में, शेयरों की खरीद और बिक्री एक ही दिन होती है, यानी सभी लेनदेन एक ही दिन में खरीदे और बेचे जाते हैं।

यह तकनीक वित्तीय साधनों की कीमतों में मामूली अंतर पर केंद्रित है। जब भी दो बाजारों के बीच किसी वित्तीय साधन की कीमत में अंतर होता है, तो व्यापारी या आर्बिट्रेजर सिक्योरिटीज को कम कीमत पर खरीदेगा और उन्हें उच्च कीमत पर वापस बेच देगा।

अस्थिरता बाजार की एक विशिष्ट विशेषता है। शेयर बाजार का ग्राफ ऊपर और नीचे जाता है, जिससे विभिन्न पैटर्न बनते हैं जिन्हें चार्ट पैटर्न के रूप में जाना जाता है। पैटर्न ट्रेडिंग लंबे समय में अधिक लाभदायक ट्रेड प्रदान करती है।

यह एक ऐसी तकनीक है जो दिन की शुरुआत में स्टॉक की कीमत और उसी दिन स्टॉक के क्लोजिंग प्राइस पर केंद्रित होती है। यह मेथड स्टॉक में प्राइस अंतर और मूवमेंट पर केंद्रित है।

इस प्रकार का ट्रेडिंग तब होता है जब ट्रेड की शेल्फ लाइफ एक दिन से लेकर कुछ हफ्तों तक होती है। शार्ट ट्रेड वित्तीय साधनों को खरीदने और उन्हें कुछ हफ्तों तक चलने वाली अवधि के लिए रखने से शुरू होता है। व्यापारी इस तकनीक में बिक्री की स्थिति बनाएगा।

कुछ हफ्तों से कुछ महीनों के भीतर किए गए व्यापार को मीडियम टर्म ट्रेडिंग के रूप में जाना जाता है। मीडियम टर्म ट्रेडिंग से संकेत मिलता है कि स्टॉक में भविष्य में उच्च स्थिति तक पहुंचने की क्षमता है।

इस ट्रेडिंग तकनीक का उपयोग ज्यादातर उन शेयरों के लिए किया जाता है जिनका बाजार में लंबे समय से संबंध है। ये शेयर दिन-ब-दिन लाभदायक बन सकते हैं, इसलिए इन शेयरों की होल्डिंग अवधि कुछ महीनों से लेकर कुछ वर्षों तक होती है।

यह व्यापारियों द्वारा शेयर मार्केट में प्रचलित सबसे सामान्य प्रकार का व्यापार है। इंट्राडे ट्रेडिंग एक ही दिन के व्यापार को संदर्भित करता है। व्यापारियों को बाजार बंद होने से पहले उसी दिन अपने स्टॉक को बेचना और खरीदना या खरीदना और बेचना होता है।

यह एक लंबी अवधि की ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी है। पोजीशनल ट्रेडर बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज करते हैं क्योंकि उनका मानना ​​​​है कि उनकी दीर्घकालिक दृष्टि चीजों को सुलझाती है।

Trading kise kahate hain | ट्रेडिंग कैसे करते हैं | ट्रेडिंग के प्रकार क्या हैं

यदि आप स्टॉक मार्किट में जरा भी दिलचस्पी रखते हैं, तो आपने ट्रेडिंग शब्द जरूर सुना होगा, क्या आप जानते हैं, ट्रेडिंग क्या होता है, Trading kise kahate hain, ट्रेडिंग क्यों की जाती है, और ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है। तो ट्रेडिंग के बारे में विस्तार से जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें।

दरअसल जब आप स्टॉक मार्किट में अपनी शुरुवात करते हैं, तो आप के लिए कई शब्द बिलकुल नए होते हैं, जिनके बारे में आपको कोई जानकारी नहीं होती है, जैसे स्टॉक एक्सचेंज, आईपीओ, सेंसेक्स, निफ़्टी, इन्वेस्टर, रिटेलर इत्यादि, और इन्ही में से एक शब्द Trading भी है। तो चलिए जानते हैं, Trading क्या होता है।

पिछले कुछ समय में जिस गति से लोगों के बीच स्टॉक मार्किट में इन्वेस्टमेंट को लेकर चलन बड़ा है, खास करके युवा वर्ग की स्टॉक मार्किट में काफी दिलचस्पी देखि गई है, इस से पता चलता है, की आने वाले समय में भारत में नए निवेशकों की संख्या में बंपर बढ़ोतरी होने वाली है।

ट्रेडिंग क्या होता है | Trading kise kahate hain

ट्रेडिंग का हिंदी में अर्थ होता है, व्यापार, जब दो संस्थाओं के बीच आम तोर पर मुनाफे के उद्देश्य से वस्तुओं या सेवाओं का आदान प्रदान होता है, तो वह ट्रेडिंग केहलाता है। ट्रेडिंग यानि व्यापार द्वारा ही धन प्राप्त होता है, और यही समाज में प्रगति के चक्र को भी नियंत्रित करता है। ट्रेड वस्तुओं या सेवाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया लगभग एक समान ही होती है।

अब यदि फाइनेंसियल मार्किट या स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग डे ट्रेडर्स के प्रकार को समझें, की ट्रेडिंग क्या होती है? तो यहाँ पर आम बाजार की तरह प्रोडक्ट और सेवाओं के जगह कंपनियों के स्टॉक्स, शेयर्स, बांड्स इत्यादि को ख़रीदा व बेचा जाता है। वह व्यक्ति जो कपनियों के स्टॉक्स को मुनाफे के उद्देश्य से खरीदता व बेचता है, उसे Trader कहा जाता है, और बाजार जहाँ पर ट्रेडिंग की जाती है, वह शेयर बाजार केहलाता है।

ट्रेडिंग मुख्य रूप से छोटी अवधी में कंपनियों के स्टॉक्स को खरीद व बेच कर अधिक से अधिक मुनाफा कमाने से जुड़ा है, इसमें ट्रेडर द्वारा बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ लिया जाता है। बाजार से मुनाफा क्या और कितना होगा यह बाजार के मूड, ट्रेडर की तकनीक और उसकी एनालिसिस स्किल पर निर्भर करता है। भारत में मुख्य दो स्टॉक एक्सचेंज हैं, BSE और NSE इन दोनों में ट्रेडिंग का समय सुबह 9:15 AM से शाम 3:30 PM Monday से Friday तक होता है, इसके बाद मार्केट बंद हो जाता है।

ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है, जिसके लिए में पर्सनली Grow App को दूसरे प्लेटफॉर्म्स की तुलना में बेहतर मानता हूँ, क्योंकि यह एक User friendly एप्प है, जिसका नेविगेशन काफी आसान है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप Grow App को Download, Install व Register कर सकते हैं।

स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग के प्रकार | Types of Stock market Trading in Hindi

स्टॉक मार्किट ट्रेडिंग के मुख्य तीन प्रकार हैं।

Intraday Trading :-

इंट्राडे ट्रेडिंग को डे ट्रेडिंग भी कहा जाता है, जब कोई निवेशक एक ही दिन के भीतर कोई स्टॉक्स खरीदता और बेचता है, तो वह Intraday trading केहलाता है। इसका अर्थ हुवा की यदि आपने आज के दिन में किसी कंपनी के स्टॉक्स ख़रीदे हैं, तो मार्किट बंद होने तक आज ही आपको उन स्टॉक्स को बेचना होगा। इस प्रकार की ट्रेडिंग अनुभवी ट्रेडर्स के द्वारा की जाती है, क्योंकि इसमें रिस्क अधिक होता है, और तेजी से निर्णय लेने पड़ते हैं।

Position Trading :-

पोजीशन ट्रेडिंग में इंट्राडे की तुलना में निवेशक को ट्रेडिंग के लिए अधिक समय मिल जाता है, क्योंकि यह Buy और Hold रणनीति पर निर्भर करता है। इसमें निवेशक लंबे समय तक के लिए स्टॉक्स को होल्ड रख सकता है, जब तक की स्टॉक्स के दाम में वृद्धि ना हो जाए, यानि इसमें निवेशक हफ़्तों और महीनों तक स्टॉक्स को होल्ड रख सकता है।

Scalping Trading :-

स्काल्पिंग ट्रेडिंग का सबसे शार्ट टर्म फॉर्म है, जिसमे एक ही दिन के भीतर ट्रेडर कई ट्रेड कर लेते हैं, जिनकी संख्या 10 से कई 100 ट्रेड तक हो सकती है। इस ट्रेडिंग रणनीति में ट्रेडर का उद्देश्य स्टॉक की कीमतों में होने वाले छोटे बदलावों से मुनाफा कमाना होता है, क्योंकि उनके द्वारा ऐसा माना जाता है, की स्टॉक की कीमतों में होने वाले छोटे बदलावों का अनुमान लगाना बढे बदलावों की तुलना में ज्यादा आसान होता है। स्कल्पिंग ट्रेडिंग करने वाले ट्रेडर्स को Scalper कहा जाता है।

Swing Trading :-

स्कल्पिंग से उलट स्विंग ट्रेडिंग में ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को दिनों और हफ़्तों तक बनाए रख सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से ट्रेडर ट्रेंड को पेहचान कर अपना निर्णय लेते हैं, और ट्रेंड की पेहचान के लिए Technical indicators का उपयोग किया जाता है, जिसके द्वारा अनुमान लगाया जाता है, की कोई स्टॉक ऊपर जाएगा या नीचे और उसी अनुसारी स्टॉक्स की buying और selling की जाती है।

अंतिम शब्द

ट्रेडिंग में जिस प्रकार युवाओं की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है, अधिक से अधिक लोग प्रतिदिन ट्रेडिंग में अपने सफर की शुरुवात कर रहे हैं, ऐसे में स्टॉक मार्किट में उन सभी नए Users के लिए यह पोस्ट मददगार साबित हो सकती है। हमें उम्मीद है, इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप जान गए होंगे Trading kise kahate hain और यह कितने प्रकार की होती है। इस पोस्ट से जुड़े यदि आपके कोई सवाल या सुझाव हैं, तो आप हमें कमेंट द्वारा नीचे बता सकते हैं।

Trading क्या है Trading कितने प्रकार डे ट्रेडर्स के प्रकार कि होती है?

Trading क्या है? यह प्रश्न ज्यादातर स्टॉक मार्केट में नए लोगों को परेशान करता है। आज कई small retailers स्टॉक मार्केट में है जो trading और investment में अंतर नहीं समझ पाते है। अगर आपको भी ट्रेडिंग शब्द का मतलब नहीं पता है। तो आज कि लेख में हम आपको trading meaning in hindi के बारे में बारीकी से समझाएंगे। इसलिए आज का पोस्ट आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए इस अंत तक पढ़े। तो फिर आइए जानते हैं।

Trading क्या है?

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Trading को आसान शब्दों में व्याख्या करें तो हिंदी में इसे " व्यापार " कहा जाता है। यानी कि किसी वस्तु या सेवा का आदान प्रदान करके मुनाफा कमाना।

Stock Market Trading भी इसी तरह होता है। जैसे कि हम किसी वस्तु को खरीद और बिक्री करके मुनाफा कमाते हैं। बिल्कुल वैसे ही स्टॉक मार्केट में वस्तु की जगह कंपनियों के शेयर कि खरीद और बिक्री करके मुनाफा कमाया जाता है। ट्रेडिंग कि समय अवधि 1 साल की होती है। मतलब यह हुआ कि 1 साल के अंदर शेयर को खरीदना और बेचना है। अगर एक साल के बाद शेयर को बेचते हैं तो यह निवेश कहलाता है। यह एक तरह का ऑनलाइन पर आधारित बिजनेस होता है।

उदाहरण के तौर पर अगर हम share market में शेयर खरीद रहे हैं तो हमारे जैसे कोई अन्य व्यक्ति होगा जो उन शेयर को बेच रहा होगा। चलिए इसे अब अपने डेली लाइफ से जोड़ते हैं। मान लीजिए आपने होलसेल स्टोर से कोई सामान ₹50 खरीदा और उसे बाद में ₹60 लगा कर कस्टमर्स को बेच दिया। अगर यह आप रोजाना करते हैं तो इसे ट्रेडिंग कहा जाता है।

बिल्कुल ऐसे ही शेयर बाजार में भी होता है। आप शेयर को खरीदते हैं और 1 साल के अंदर खरीदे हुए शेयर को प्राइस बढ़ने के बाद बेच देते है। तो यह Stock Market Trading कहलाता है।

Trading को काफी रिस्की कहा जाता है क्योंकि इसमें यह कोई नहीं जानता कि कुछ समय बाद शेयर के भाव में क्या मूवमेंट आयेगा। अगर शेयर से जुड़ी न्यूज़ अच्छी आती है तो शेयर के भाव में तेजी दिखाई देगी। वहीं इसका उल्टा करे तो शेयर से जुड़ी न्यूज़ खराब डे ट्रेडर्स के प्रकार आती है तो शेयर के भाव में मंदी देखने को मिल सकती है।

Stock Market Trading कितने प्रकार के होते हैं?

  1. Scalping Trading
  2. Intraday Trading
  3. Swing Trading
  4. Positional Trading

Scalping Trading क्या है?

Scalping Trading वह डे ट्रेडर्स के प्रकार trade जो कुछ सेकंड या मिनट के लिए trade किया जाए। यानी मतलब यह हुआ कि वह traders जो केवल कुछ सेकंड या मिनट के लिए शेयर की खरीद और बिक्री करते हैं। ऐसे ट्रेडर्स को scalpers कहा जाता है। बता दू कि scalping trading को सबसे जायदा रिस्की होता है।

Intraday Trading क्या है?

Intraday Trading वह trade जो 1 दिन के लिए trade किया जाए। यानी मतलब यह हुआ कि वह traders जो Market (9:15 am) के खुलने के बाद शेयर खरीद लेते हैं। और मार्केट बंद(3:30 pm) होने से पहले शेयर को बेच देते है। ऐसे ट्रेडर्स को Intraday ट्रेडर्स कहा जाता है। बता दू कि Intraday ट्रेडिंग scalping trading से थोड़ा कम रिस्की होता है। इंट्राडे ट्रेडिंग के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए पोस्ट को पढ़े।

Swing Trading क्या है?

Swing Trading डे ट्रेडर्स के प्रकार वह trade जो कुछ दिनों के लिए शेयर को खरीदते और बेचते है। यानी मतलब यह हुआ कि वह traders जो एक दो हफ़्ते के लिए शेयर को खरीदने के बाद बेच देते हैं। इसमें ट्रेडर को पूरे दिन चार्ट को देखना नहीं पड़ता है। यह उन लोगो ( जॉब, स्टूडेंट्स आदि) के लिए बेहतर होता है जो ट्रेडिंग में अपना पूरा दिन नहीं दे सकते हैं।

Positional Trading क्या है?

Positional Trading वह ट्रेड जो कुछ महीने के लिए होल्ड किए जाएं। यह मार्केट का long term movement को कैप्चर करने के लिए किया जाता है। ताकि एक अच्छा मुनाफा हो सके। शेयर बाजार की रोजाना के up-down से इन पर जायदा असर नहीं होता है। यह बाकी सभी trading से कम रिस्की होता है।

Trading और Investment में क्या अंतर है?

  1. Trading में शेयर को short term के लिए खरीदा जाता है। वहीं Investment में शेयर को लंबे समय के लिए खरीद लिया जाता है।
  2. Trading में टेक्निकल एनालिसिस की जानकारी होना जरूरी होता है। वहीं Investment में fundamental analysis की जानकारी प्राप्त होनी चाहिए।
  3. Trading कि अवधि 1 साल तक की होती है। वहीं निवेश कि अवधि 1 साल से ज्यादा कि होती है।
  4. Trading करने वाले लोगों को traders कहा जाता है। वहीं निवेश (Investment) करने वाले लोगों को निवेशक (Invester) कहां जाता है।
  5. Trading short term मुनाफे को कमाने के लिए किया जाता है वहीं निवेश लंबी अवधि के मुनाफे को कमाने के लिए किया जाता है।

आपने क्या जाना

जैसे कि आपने हमारी आज के लेख में trading kya hai के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की है। आज आपने ट्रेडिंग के साथ साथ ट्रेडिंग के प्रकार और निवेश से ट्रेडिंग किस तरह अलग होता है यह भी जाना है। अगर आपको भी share market में trade करना है तो सबसे पहले इसके बारे में विस्तार से जानकारी अवश्य ले। नहीं तो आपको अच्छा खासा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

ट्रेडिंग के कितने प्रकार होते है ? – Types Of Trading In Hindi

कुछ लोग Trading के अलग-अलग प्रकारों के बारे में जानते हैं, जिसके कारण वे अधिक लाभ कमाते हैं, परंतु कुछ अन्य लोगों को Types Of Trading In Hindi के बारे में जानकारी ना होने के कारण अपने पैसे Stock Trading में गवा देते हैं।

इसलिए सभी निवेशकों को Types Of Trading In Hindi के बारे में संपूर्ण जानकारी होना आवश्यक है। इसीलिए आज के इस लेख में हम ट्रेडिंग के सभी प्रकार को विस्तृत रूप से जानेंगे।

Trading के प्रकार कौन से हैं ? ( Types Of Trading In Hindi )

मुख्य रूप से Trading के प्रकारों को पांच भागों में बांटा गया है। यदि हम Stock Trading की बात करें तो यह पांच प्रकार की होती है जो निम्नलिखित है।

  1. Intraday Trading
  2. Scalping
  3. Swing Trading
  4. Delivery Trading
  5. Optional Trading
  6. Momentum Trading
  7. Positional Trading
  8. Technical Trading

1. इंट्राडे ट्रेडिंग ( Intraday Trading )

Intraday Trading को हम Day Trading भी कहते हैं। इस Trading के अंतर्गत स्टॉक को एक ही दिन में बेचना और खरीदना शामिल होता है।

यदि कोई भी Investor या Trader Intraday Trading करता है, तो उसे दिन के आखिरी में बाजार बंद होने से पहले अपने सभी खरीदे गए शेयरों को जरूर भेजना होता है।

Intraday Trading सबसे ज्यादा Nav Value के छोटे पैमाने पर होने वाले उतार-चढ़ाव का फायदा उठाने के लिए लोकप्रिय है। यदि Trader अधिक Margin money का उपयोग नहीं करता है तो Intraday Trading बहुत ही कम जोखिम वाला होता है।

2. स्काल्पिंग ( Scalping )

स्काल्पिंग को Micro-Trading भी कहा जाता है, क्योंकि इस Trading को करते समय बहुत ही ज्यादा समय लगता है। स्काल्पिंग भी Intraday Trading की तरह ही की जाती है। बस इसके अंतर्गत Trader अपने Stock को कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक hold रखता है।

जिस तरह Day Trading के अंतर्गत बाजार बंद होने से पहले सभी खरीदे गए स्टॉक को बेचना पड़ता है उसी प्रकार Scalp में भी बाजार बंद होने से पहले अपने पोजीशन को बंद करना पड़ता है।

Intraday Trading की तरह ही इसमें भी Technical Analysis बाजार से संबंधित ज्ञान और Price trend के बारे में जागरुकता और समझ बनती है।

3. स्विंग ट्रेडिंग ( Swing Trading )

स्विंग Trading का उपयोग Traders द्वारा Short Term Stock Fund और Pattern को Trade करने के लिए किया जाता है। साथ ही Traders इसका उपयोग कई दिनों में एक अच्छा लाभ कमाने के लिए करते हैं। क्योंकि Trading के इस प्रकार में हम 1 दिन से 7 दिन तक Trading कर सकते हैं।

इसमें Traders अपने शेयरों का Technical Analysis करते हैं ताकि वे अपने Investment के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए Stock Market के Pattern का पालन कर डे ट्रेडर्स के प्रकार सकें।

4. डिलीवरी ट्रेडिंग ( Delivery Trading )

शेयर बाजार में सबसे ज्यादा उपयोग की जाने वाली Trading डिलीवरी Trading ही है, क्योंकि इसके अंतर्गत Investment सुरक्षित रहता है। डिलीवरी Trading लंबे समय के लिए की जा सकती है, डे ट्रेडर्स के प्रकार जिसके अंतर्गत Investors अपने Stock को कुछ समय के लिए होल्ड कर सकते हैं।

इसके साथ ही डिलीवरी Trading के अंतर्गत Investors को स्टॉक के लिए पूरी राशि का भुगतान करना होता है। Trading के इस प्रकार के अंतर्गत Investor उस स्टॉक में निवेश कर सकता है जिससे उसे अधिक मुनाफा हो सके।

5. मोमेंटम ट्रेडिंग ( Momentum Trading )

Stock Trading का पांचवा प्रकार मोमेंटम Trading है जिसके अंतर्गत एक Investor या Trader बाजार के मोमेंटम का फायदा उठाता है। यहां पर Trader ऐसे स्क्रिप्ट को चुनता है जो Breakout हो रहे हैं या फिर Breakout हो जाएंगे।

यदि बाजार का मोमेंटम ऊपर उठ रहा है तो Trader के पास जो स्टॉक है वह उन्हें बेच देता है और Average Return से भी ज्यादा रिटर्न प्राप्त करता है। और वहीं अगर बाजार का मोमेंटम नीचे गिर रहा है, तो Trader कई स्टॉक्स को खरीद लेता है ताकि वह उन्हें मोमेंटम बढ़ने पर बेच सके।

6. पोजीशनल ट्रेडिंग ( Positional Trading )

कुछ लोग इसे पोजीशन Trading भी कहते हैं। यह Trading भी Delivery Trading का ही एक रूप है, जिसके अंतर्गत Stocks को Buy and hold करने की Strategies अपनाई जाती है।

Positional Trading उन Traders के लिए ज्यादा बेहतर होती है, जो बाजार में नियमित रूप से भागीदार नहीं होते हैं यानी कि स्टॉक्स की खरीद बिक्री नियमित रूप से नहीं करते हैं।

Positional Trading के अंतर्गत लाभ तब होता है, जब स्टॉक बेचने से पहले उसे लंबे समय तक रखा जा सके।

7. फंडामेंटल ट्रेडिंग ( Fundamental Trading )

Trading के अंतर्गत Traders अच्छे कंपनी के डे ट्रेडर्स के प्रकार स्टॉक्स ढूंढने के लिए Fundamental Analysis का उपयोग करता है। Traders कंपनी और उसके Financial Details पर अधिक ध्यान देते हैं। ताकि वे ऐसे स्टॉक का चुनाव कर सके जो भविष्य में उन्हें अधिक लाभ दे सके।

Fundamental Trading करने वाले Traders भी बाजार के अंदर अपनी पोजीशन को लंबे समय तक बनाए रखते हैं ताकि वे अधिक लाभ कमा सके।

8. टेक्निकल ट्रेडिंग ( Technical Trading )

Technical Trading के अंतर्गत Traders बाजार के चार्ट और डेटा का उपयोग करके अच्छे Stocks को ढूंढने का प्रयास करते हैं।

इस Trading में व्यापारियों के पास बाजार का ज्ञान और क्षमता होना चाहिए ताकि वह इस चार्ट और ग्राफ को समझ कर सही स्टॉक्स में निवेश कर सके।

FAQ’S:

प्रश्न 1 – ट्रेडिंग के पांच प्रकार कौन से हैं ?

प्रश्न 2 – किस प्रकार का Trading सबसे अच्छा है ?

प्रश्न 3 – स्विंग ट्रेडिंग क्या है ?

प्रश्न 4 – ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है ?

निष्कर्ष :-

आज के इस लेख में हमने Types Of Trading In Hindi के बारे में जानकारी प्राप्त की।

उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आपको Trading के प्रकारों के बारे में सभी जानकारियां मिल पाई होंगी।

यदि आप इस लेख से संबंधित और भी जानकारियां पाना चाहते हैं, तो हमसे कमेंट बॉक्स में कॉमेंट करके पूछ सकते हैं। जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

डे ट्रेडिंग गाइड- चार दिन की गिरावट के बाद जानिए आज क्या होगा बाजार का हाल, कौन से शेयर खरीदे बेचें

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आज शेयर बाजार के लिए डे ट्रेडिंग गाइड
निफ्टी के लिए दिन की ट्रेडिंग रणनीति पर एचडीएफसी सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी का अल्पकालिक रुझान उच्च अस्थिरता के साथ कमजोर बना हुआ है। एनएसई निफ्टी के लिए सपोर्ट 17,600 से 17,500 के स्तर पर है। मौजूदा स्तर से ऊपर की ओर उछाल की संभावना है। बॉटम रिवर्सल की पुष्टि मौजूदा स्तर से ऊपर की ओर उछाल का संकेत दे रही है। एनएसई निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 17,800 के स्तर पर रखी गई है।
निफ्टी बैंक इंडेक्स के लिए दिन में ट्रेडिंग गाइड पर 5paisa.com पर लीड रिसर्च रुचित जैन ने कहा, "बैंकिंग इंडेक्स ने पिछले हफ्ते निफ्टी की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है और बैंक निफ्टी के व्यापक चार्ट उछाल का संकेत देते हैं। इस प्रकार, बैंकिंग स्पेस अगले चरण का नेतृत्व कर सकता है। ट्रेडर्स को इस सेक्टर के हैवीवेट पर करीब से नजर रखनी चाहिए।"

डे ट्रेडिंग स्टॉक
शेयर बाजार के जानकार च्वाइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमीत बगड़िया और आईआईएफएल सिक्योरिटीज के वाईस प्रेजिडेंट अनुज गुप्ता ने खरीदारी के लिए आज इन 4 शेयरों की सिफारिश की है।

सुमीत बगड़िया के दिन के कारोबारी शेयर
एचडीएफसी बैंक-
सीएमपी पर खरीदें, लक्ष्य ₹1575, स्टॉप लॉस ₹1485
इन्फोसिस- सीएमपी पर मोमेंटम खरीदें, ₹1825 और ₹1840 का लक्ष्य, स्टॉप लॉस ₹1770

अनुज गुप्ता का आज का ट्रेडिंग स्टॉक
गोदरेज एग्रोवेट-
₹510 पर खरीदें, ₹560 का लक्ष्य रखें, स्टॉप लॉस ₹484
अशोक लीलैंड- ₹135 पर खरीदें, ₹145 का लक्ष्य रखें, स्टॉप लॉस ₹128

डिस्क्लेमर- ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न की लाइव हिंदुस्तान के।

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