इस दिन है गणेश चतुर्थी, ऐसे करें घर में विराजमान

Astrology Tips: व्यापार में तरक्की पाने के लिए आजमाएं ये चमत्कारी उपाय, कुछ ही दिन में दिखेगा फर्क

Astrology Tips: हर व्यक्ति की चाह होती है कि उसका व्यापार खूब तरक्की करे. इसके लिए व्यक्ति कई तरह के उपाय करता है. दिन रात मेहनत करता है. इन दिनों हर दूसरा व्यक्ति बिजनेस न चलने से परेशान है.

By: ABP Live | Updated at : 29 Jan 2022 09:48 PM (IST)

Astrology Tips: हर व्यक्ति की चाह होती है कि उसका व्यापार खूब तरक्की करे. इसके लिए व्यक्ति कई तरह के उपाय करता है. दिन आपको दिन का व्यापार क्यों नहीं करना चाहिए रात मेहनत करता है. इन दिनों हर दूसरा व्यक्ति बिजनेस न चलने से परेशान है. व्यापार न चल पाने के कारण उनमें ताले लग रहे हैं. व्यापार में मेहनत के साथ-साथ अगर कुछ छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो इससे बिजनेस में लाभ होता है. बिजनेस की तरक्की और उन्नति के लिए वास्तु और ज्योतिष के कुछ उपायों के अपनाया जाए, तो बिजनेस में विशेष लाभ होता है.

यंत्र पूजन: मान्यता है कि यंत्रों का प्रभाव बहुत सकारात्मक पड़ता है. ज्योतिष अनुसार यंत्र की पूजा करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और जीवन में सुख आदि की प्राप्ति होती है. बिजनेस में लाभ और उन्नति पाने के लिए व्यापार वृद्धि यंत्र का पूजन किया जा सकता है. इस यंत्र को शुभ मुहूर्त देखकर स्थापित करें. इसकी स्थापना करने के लिए हर माह शुक्ल पक्ष के रविवार के दिन इस यंत्र की स्थापना करना शुभ होता है. बता दें कि इसकी पूजा करते समय ‘ऊँ श्री ह्रीं क्लीं महालक्ष्मै नम:’ का जाप करना न भूलें.

पीपल के पत्तों का उपाय: अगर व्यापार में लगातार असफल हो रहे हैं, तो हर मंगलवार पीपल के 11 पत्तों पर लाल चंदन से राम-राम लिखें और इन पत्तों की एक माला बना कर हनुमान जी के मंदिर में चढ़ा दें. ऐसा करने से व्यवसाय में कभी असफलता नहीं मिलेगी. लेकिन इस उपाय का नियमित रूप से मंगलवार के दिन करें और इसे आपको दिन का व्यापार क्यों नहीं करना चाहिए गोपनीय रखें.

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वास्तु उपाय: बिजनेस वाले जातक को उत्तर दिशा की दीवार पर हरे रंग के तोते की तस्वीर अवश्य लगाने से लाभ होता है. मान्यता है कि हरा रंग बुध का रंग होता है. उत्तर दिशा में हरे रंग के तोते की तस्वीर लगाने से दोष समाप्त होता है और शुभदायी फल की प्राप्ति होती है.

- दुकान या कार्यस्थल पर अंदर प्रवेश करने से पहले अपने दाहिने हाथ के अंगूठे को जमीन पर लगाएं. उसके बाद इस हाथ को अपने मस्तक या हृदय पर लगाएं. इस उपाय से आपको विशेष लाभ होगा. व्यापार या कारोबार वृद्धि के लिए ये बहुत ही चमत्कारी उपाय है.

- लक्ष्मी नारायण मंदिर में शुक्रवार के दिन गुड़, चना बांटने से व्यापार में वृद्धि मिलती है. इसके अलावा, मंदिर में मां लक्ष्मी की प्रतिमा के आगे अगरबत्ती जलाएं और प्रार्थना करें. इतना ही नहीं, मान्यता है कि व्यापार में वृद्धि के लिए कुत्ता, गाय और कौवों को रोटी खिलाएं.

- कपूर और रोली को जलाकर उसकी राख को एक कागज में रख लें. इसे अपनी दुकान या घर के उस स्थान पर रखें जहां धन रखा जाता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Published at : 29 Jan 2022 09:48 PM (IST) Tags: astrology tips business upay asrology हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Lifestyle News in Hindi

आपको आज ही एक पुनर्विक्रेता व्यवसाय क्यों शुरू करना चाहिए

पुनर्विक्रेता व्यवसाय

पुनर्विक्रेता व्यवसाय तब होता है जब व्यक्ति पैसे कमाने के लिए चीजों को दूसरों को बेचने के लिए आपको दिन का व्यापार क्यों नहीं करना चाहिए खरीदते हैं। ऑनलाइन पुनर्विक्रेता व्यापार भारत में अवसरों में जबरदस्त वृद्धि हो रही है। पुनर्विक्रय व्यवसाय शुरू करना आसान है और इसके लिए किसी बड़े निवेश आपको दिन का व्यापार क्यों नहीं करना चाहिए की आवश्यकता नहीं होती है। अधिकांश कंपनियों ने पुनर्विक्रय उत्पादों को वास्तविक व्यवसाय बना लिया है और अच्छी कमाई कर रही हैं।

एक पुनर्विक्रेता व्यवसाय शुरू करने के लिए एक भौतिक आधार की आवश्यकता होती है और सूची स्टॉक. उत्पादों के विपणन के लिए, आपके विज्ञापनों को सुचारू रूप से और सफलतापूर्वक चलाने के लिए सोशल मीडिया सबसे अच्छा मंच है। ऑनलाइन पुनर्विक्रेता व्यवसाय शुरू करने का लाभ यह है कि इसके लिए स्टॉक की किसी पूर्व-खरीद की आवश्यकता नहीं होती है। आप जो कुछ भी फिर से बेचना चाहते हैं उसके साथ आप एक व्यवसाय शुरू कर सकते हैं जैसे कला के टुकड़े, हस्तशिल्प, कपड़े इत्यादि।

यदि आप एक पुनर्विक्रेता व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो इससे पहले कि आप इसमें गहराई से उतरें, योजना और शोध करना महत्वपूर्ण है। यह लेख पुनर्विक्रय व्यवसाय शुरू करने के लाभों पर चर्चा करेगा। यहां कुछ कारण दिए गए हैं कि आपको ऑनलाइन पुनर्विक्रेता क्यों बनना चाहिए:

अपना खुद का आपको दिन का व्यापार क्यों नहीं करना चाहिए पुनर्विक्रेता व्यवसाय शुरू करने के 5 कारण

आपके व्यवसाय का आसान शुभारंभ

पुनर्विक्रेता व्यवसाय एक अच्छा विचार है क्योंकि यह आपको उसी दिन बिक्री शुरू करने की अनुमति देता है जिस दिन आप अपना व्यवसाय शुरू करते हैं। एक बार जब आपके पास अपने स्टोर में फिर से बेचने के लिए कुछ उत्पाद हों, तो आप उन्हें अपने व्यवसाय के लिए फिर से बेचना शुरू कर सकते हैं। आप कुछ ही मिनटों में अपना पुनर्विक्रेता व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। अपनी पूर्व-योजना के लिए प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है सूची या कुछ भी प्रतीक्षा करें। आप उसी दिन अपना व्यवसाय स्थापित और लॉन्च कर सकते हैं।

उत्पादों की विविध रेंज

जब आप एक पुनर्विक्रेता बन जाते हैं, तो आप उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला बेचेंगे। उदाहरण के लिए, यदि आप गहनों की वस्तुओं का पुनर्विक्रय करते हैं, तो जैसे-जैसे आपका व्यवसाय बढ़ता है, आप एक्सेसरीज़, हैंडबैग या अन्य संबंधित उत्पादों को भी पुनर्विक्रय कर सकते हैं। अपने पुनर्विक्रेता ऑनलाइन दुकान पर अतिरिक्त उत्पाद बेचने पर आपको अधिक पैसे खर्च नहीं करने होंगे.

स्वचालित प्रक्रिया

एक पुनर्विक्रेता अपना सारा समय उस पर खर्च किए बिना एक व्यवसाय चला सकता है। अधिकांश प्रक्रियाएं स्वचालित हैं, जिससे आप अपने पुनर्विक्रेता व्यवसाय को आसानी से प्रबंधित कर सकते हैं। यह समय भी बचाता है क्योंकि आपको उत्पादों के भंडारण, पैकेजिंग या शिपिंग पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता नहीं है।

कम वित्तीय निवेश

पुनर्विक्रेता व्यवसाय शुरू करने का मुख्य लाभ यह है कि वित्तीय लागत कम है। आप ऐसा कर सकते हैं अपने उत्पादों की कीमत आपके उत्पाद रेंज के अनुसार। बजट के प्रति जागरूक, स्टार्टअप्स और नए उद्यमियों के आपको दिन का व्यापार क्यों नहीं करना चाहिए लिए यह एकदम सही बिजनेस आइडिया है, आपको थोक इन्वेंट्री आइटम खरीदने में निवेश करने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए, व्यावसायिक स्थापना के लिए वित्तीय निवेश कम है। इसके अतिरिक्त, एक पुनर्विक्रेता अपना लाभ मार्जिन निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र है।

उत्पाद श्रेणियाँ

पुनर्विक्रेता बनने का सबसे अच्छा हिस्सा बाज़ार में पुनर्विक्रय करने के लिए कई उत्पाद श्रेणियां हैं जो आपको सामानों को फिर से बेचने की अनुमति देती हैं - जिससे यह नए उद्यमियों के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प बन जाता है। यहां तक ​​​​कि अगर आप एक विशिष्ट जगह से उत्पाद बेचते हैं, तब भी आप अपने स्टॉक में कई उत्पाद श्रेणियां जोड़कर लाभ कमा सकते हैं।

महत्वपूर्ण उपलब्दियां

एक पुनर्विक्रेता व्यवसाय के साथ, आप अपना स्वयं का उत्पाद आधार बेचेंगे और विकसित करेंगे। आपके स्टोर को न्यूनतम निवेश के साथ आपकी पसंद के अनुसार डिज़ाइन किया जा सकता है। आपको ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध बनाने को मिलेंगे। आप प्रचार से लेकर बिक्री, विपणन और उत्पाद मूल्य निर्धारण तक सब कुछ करेंगे। एक पुनर्विक्रेता व्यवसाय आपको अपने ग्राहकों को आसानी से पुनर्विक्रय करने की अनुमति देता है। इस तरह आपका ब्रांड सफल होगा.

शुक्रवार के दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये 7 काम, होता है नुकसान

सनातन धर्म में हर दिन किसी ना किसी देवी-देवता का होता है। जिसके मुताबिक शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का होता है। शुक्रवार के दिन जो भक्त मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं, उन्हें संसार के सभी सुखों की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में लक्ष्मी मां को धन की देवी मानी गई हैं। मान्यता है कि शुक्रवार के दिन उनकी भलीभांति पूजा आराधना करने से उनका आशीर्वाद बना रहता है। लेकिन इस दिन कुछ चीजों की मनाही भी बताई गई है। जानिए कुछ ऐसी बातों के बारे में जो इस दिन को आपको दिन का व्यापार क्यों नहीं करना चाहिए नहीं करनी चाहिए.

उधार लेन-देन न करें

उधार लेन-देन न करें

कभी किसी को भूलकर भी शुक्रवार के दिन धन ना दें और ना ही उधार लें। मान्यता है कि शुक्रवार आपको दिन का व्यापार क्यों नहीं करना चाहिए के दिन दिया गया धन वापस लौटकर नहीं आता है। इसदिन किसी को कर्ज देने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं और संबंध भी खराब होते हैं।

मां लक्ष्मी का होता है वास

मां लक्ष्मी का होता है वास

वैसे तो आपको कभी किसी का अपमान नहीं करना चाहिए, लेकिन शुक्रवार के दिन इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दिन भूलकर भी महिलाओं, कन्याओं और किन्नरों का अपमान नहीं करना चाहिए। उनके बारे में अपशब्द नहीं बोलने चाहिए। महिलाओं में मां लक्ष्मी का वास होता है और उनके अपमान करने से मां लक्ष्मी भी नाराज हो जाती हैं।

इस तरह के भोजन से करें परहेज

इस तरह के भोजन से करें परहेज

शुक्रवार के दिन अगर आप व्रत-पूजन नहीं भी करते हैं तो तामसिक भोजन खासतौर पर मांसाहार और मदिरा के सेवन से परहेज रखना चाहिए। इस दिन पूर्ण सात्विक भोजन करना चाहिए। अगर संभव हो सके तो इसको आप अपनी आदत भी बना लें।

सुख-सुविधाओं में आती है कमी

सुख-सुविधाओं में आती है कमी

शुक्रवार के दिन भूलकर भी चीनी किसी को भी नहीं देनी चाहिए। क्योंकि ज्योतिष में चीनी का संबंध शुक्र और चंद्र दोनो से हैं। इसलिए शुक्रवार के दिन चीनी देने से आपका शुक्र कमजोर होता है और शुक्र भौतिक सुखों का स्वामी है। शुक्र के नाराज होने से भौतिक सुख-सुवधिओं में कमी आती है और आर्थिक स्थिति भी खराब होती है।

मिलता है आशीर्वाद

मिलता है आशीर्वाद

शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के साथ नारायण की भी पूजा करनी चाहिए। लक्ष्मी के साथ नारायण की पूजा करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और दोनों का आशीर्वाद भी बना रहता है। अगर संभव हो सके तो सुबह या शाम किसी भी एक समय मीठा घर में जरूर बनाना चाहिए और उसको सबसे पहले घर की सबसे बड़ी स्त्री को देना चाहिए।

इस तरह व्यापार धंधे को होता है नुकसान

इस तरह व्यापार धंधे को होता है नुकसान

शुक्रवार के दिन किसी से अपशब्‍द न बोलें। ऐसा करने से माता लक्ष्‍मी आप से अप्रसन्‍न हो जाती हैं और फिर आपके साथ धन संबंधी समस्‍याएं शुरू हो जाती हैं। घर में अपव्‍यय बढ़ जाता है। लोग बीमार रहने लगते हैं। व्‍यापार धंधे में नुकसान होने लगता है।

शांति के लिए करें यह कार्य

शांति के लिए करें यह कार्य

साफ-सुथेर किचन में मां लक्ष्मी का वास रहता है। इससे घर में वैभव और सुख-शांति का प्रवाह निरंतर होता रहता है। भूलकर भी रात के समय किचन में गंदे बर्तन छोड़ना चाहिए, इससे लक्ष्मी माता रूठ जाती है और घर में अशांति फैल जाती है। साथ ही स्वास्थ्य के खराब रहने की आशंका बनी रहती है।

गुरुवार के उपाय: बिजनेस में सफलता पाना चाहते हैं तो गुरुवार के दिन जरूर अपनाएं ये विशेष उपाय, तुरंत मिलेगा लाभ

Guruwar Ke Upay: सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है और गुरुवार के दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है. कहते हैं कि यदि भगवान प्रसन्न हो जाएं तो उनके साथ ही मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिलता है.

Published: September 1, 2022 8:00 AM IST

गुरुवार के उपाय: बिजनेस में सफलता पाना चाहते हैं तो गुरुवार के दिन जरूर अपनाएं ये विशेष उपाय, तुरंत मिलेगा लाभ

Guruwar Ke Upay: हिंदू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार का दिन है और यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है. मान्यता है कि यदि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु का पूजन किया जाए तो वह प्रसन्न होकर जातकों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. (Lord Vishnu Pujan Vidhi) गुरुवार के दिन व्रत-उपवास करने का भी विधान है और जिन लोगों को गुरु कमजोर होता है उनके लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण है. अगर आप भगवान विष्णु को प्रसन्न करना चाहते हैं और (Guruwar ke Totke) उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो गुरुवार के आपको दिन का व्यापार क्यों नहीं करना चाहिए दिन इस विशेष उपाय को जरूर अपनाइए.

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मिलेगी बिजनेस में सफलता

अगर आप बिजनेस में तरक्की पाना चाहते हैं गुरुवार के दिन इस विशेष उपाय को अपनाने से आपको लाभ मिलेगा. अगर आपके व्यापार में किसी प्रकार की बाधा या रूकावट आ रही है या फिर व्यवसाय में स्थिरता नहीं है तो यह उपाय आपके लिए बेहद ही लाभकारी साबित होगा. गुरुवार के दिन एक सफेद कपड़े का ध्वज, पताका या झंडा बनाकर पीपल के पेड़ पर लगा दें. इस उपाय को करने से व्यवसाय में आ रही सभी दिक्कतें समाप्त होंगी और आपको सफलता मिलेगी.

गुरुवार के दिन केले के पेड़ का पूजन किया जाता है, कहते हैं इसमें भगवान विष्णु का वास होता है और केले के पेड़ की पूजन करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. इस दिन भूलकर भी केले का सेवन नहीं करना चाहिए.

यदि आपको बार-बार किसी कार्य में असफलता का सामना करना पड़ रहा है तो गुरुवार के दिन नहाते समय पानी में चुटकी भर हल्दी अवश्य मिलाएं. कहते हैं इससे मनुष्य को गुरु मजबूत होता है और कार्यों में सफलता मिलती है. इस दिन गाय की रोटी निकालते समय उस आटे में भी थोड़ी सी हल्दी अवश्य मिला दें. इससे आपको जरूर मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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इस दिन भूलकर भी ना करें चंद्रमा के दर्शन, जाने क्यों

भगवान गणेश जी का जन्मोत्सव अर्थात गणेश चतुर्थी दिनांक 31 अगस्त को मनाई जाएगी। गणेश चतुर्थी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। प्रत्येक महीने की दोनों पक्ष शुक्ल और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी गणेश जी को प्रिय

इस दिन भूलकर भी ना करें चंद्रमा के दर्शन, जाने क्यों

भगवान गणेश जी का जन्मोत्सव अर्थात गणेश चतुर्थी दिनांक 31 अगस्त को मनाई जाएगी। गणेश चतुर्थी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। प्रत्येक महीने की दोनों पक्ष शुक्ल और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी गणेश जी को प्रिय हैं। गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए साधक अपनी अपनी श्रद्धा से पूजा अर्चना करते हैं। करवा चौथ एवं संकट चतुर्थी में चंद्र दर्शन का बहुत ही महत्व है, लेकिन गणेश चतुर्थी को चंद्र दर्शन करना निषेध माना गया है। पुराणों में आख्यान है कि जब भगवान शिव ने गणेश जी के सिर पर हाथी का सिर लगाकर उन्हें पुनर्जीवित कर दिया था। उस समय चंद्रमा ने उनका उपहास किया था। उस दिन गणेश चतुर्थी थी। अपने उपहास के कारण गणेश जी ने चंद्रमा को श्राप दे दिया कि आज का दिन तुम्हारे लिए कलंक का दिन होगा। गणेश चतुर्थी को तुम्हें कोई नहीं देखेगा। इस दिन तुम्हें जो भी व्यक्ति देखेगा, उसे कोई ना कोई झूठा आक्षेप या कंलक लग जाएगा।

इस दिन है गणेश चतुर्थी, ऐसे करें घर में विराजमान

इस शाप से घबराकर उससे मुक्ति के लिए चंद्रमा ने शिव से प्रार्थना की। भगवान शिव ने कहा कि गणेश जी के शाप को मैं भी नहीं काट सकता हूं, किन्तु इसका समाधान है कि यदि किसी व्यक्ति को भूल से भी चंद्रमा का दर्शन हो जाए तो गणेश वंदना,गणेश स्तुति, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। द्वापर युग में भी श्रीकृष्ण भगवान को भी चतुर्थी के चंद्रमा के दर्शन करने से भी कलंक लग गया था। उनके ऊपर स्यामन्तक मणि चुराने का आरोप लग गया था। इसलिए गणेश चतुर्थी की शाम को चंद्रमा के दर्शन नहीं करना चाहिए। यदि भूलवश चंद्रमा का उस दिन दर्शन हो जाए तो पत्थर या कंकड उठाकर चंद्रमा की ओर फेंक देना चाहिए। इसलिए इसे पत्थर चौथ या कलंक चौथ भी कहते हैं। उसके पश्चात रात्रि को भगवान गणेश जी की वंदना और स्तुति करते हुए प्रार्थना करें तो उस दोष से निवृत्ति मिल जाती है।
(ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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