प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है

अक्सर चर्चा में रहने वाले क्रिप्टोकरेंसी शब्द से आप क्या समझतें हैं। वर्तमान में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किन आधारों पर इसका विरोध किया जा रहा है। चर्चा करें।

11 Nov, 2020 सामान्य अध्ययन पेपर 3 अर्थव्यवस्था

उत्तर :

हल करने का दृष्टिकोण:

क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की डिजिटल करेंसी (मुद्रा) होती है, जिसमें लेन-देन संबंधी सभी जानकारियों को कूटबद्ध तरीके से विकेंद्रित डेटाबेस में सुरक्षित रखा जाता है। हालाँकि अभी तक ऐसी मुद्रा को किसी देश के केंद्रीय बैंक की मान्यता नहीं प्राप्त है, जिसके कारण इनकी वैधता या भविष्य को लेकर भय बना रहता है।

क्रिप्टोकरेंसी के महत्त्व के संदर्भ में देखें तो इसमें लेन-देन के लिए बैंक या किसी अन्य बिचौलिये की भूमिका की आवश्यकता नहीं होती है, अतः इस माध्यम से बहुत ही कम खर्च में लेन-देन किया जा सकता है। क्रिप्टोकरेंसी में व्यापार के लिये किसी भी प्रकार के प्रपत्र (पहचान-पत्र आदि) की आवश्यकता नहीं होती है, अतः कोई भी व्यक्ति इस प्रणाली के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र से जुड़ सकता है। क्रिप्टोकरेंसी का सबसे बड़ा लाभ इसकी गोपनीयता है, किसी प्रपत्र की अनिवार्यता के अभाव में लेन-देन के दौरान लोगों की निजी-जानकारी सुरक्षित रहती है। क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग बिना कोई अतिरिक्त शुल्क दिये विश्व में किसी भी देश में किया जा सकता है। हालाँकि क्रिप्टोकरेंसी को मुद्रा के रूप में किसी भी देश प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है द्वारा वैधानिकता प्रदान नहीं की गई है।

  • क्रिप्टोकरेंसी को किसी देश अथवा केंद्रीय बैंक की मान्यता नहीं प्राप्त होती जिससे इसके मूल्य की अस्थिरता का भय बना रहता है।
  • क्रिप्टोकरेंसी की गोपनीयता के कारण आतंकवादी या अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में इसके प्रयोग का भय बना रहता है।
  • प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर सरकार की मौद्रिक नीतियों का प्रभाव नहीं पड़ता, ऐसे में क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग को बढ़ावा देना देश की अर्थव्यवस्था के लिये नुकसानदायक हो सकता है।
  • क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन के व्यवस्थित संचालन के लिये लाखों की संख्या में बड़े-बड़े कंप्यूटरों का उपयोग किया जाता है, जो ऊर्जा अपव्यय का एक बड़ा कारण है।
  • वर्तमान में जब विश्व के कई देश बहु-राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किये जा रहे कर अपवंचन को प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है रोकने के लिये प्रयासरत हैं तो ऐसे में विनियमन की किसी समायोजित नीति के अभाव में क्रिप्टोकरेंसी को अवैध मुद्रा प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है के स्टेटस से बाहर रखना, कर अपवंचन रोकने के प्रयासों को और अधिक जटिल बना देगा।

RBI द्वारा क्रिप्टोकरेंसी के विरोध प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है का मुख्य आधार-

  • मुद्रा के रूप में: क्रिप्टोकरेंसी को विश्व के किसी भी देश या केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रा के रूप में वैधानिकता नहीं प्राप्त है। क्रिप्टोकरेंसी की विश्वसनीयता और किसी वित्तीय निकाय के समर्थन के अभाव में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
  • विनिमय वस्तु के रूप में: शेयर बाज़ार में किसी भी व्यवसाय इकाई के शेयर की कीमतों का निर्धारण उसके कारोबार, बाज़ार में उसकी मांग आदि के आधार पर किया जाता है, परंतु क्रिप्टोकरेंसी में पारदर्शिता के अभाव और इसकी कीमतों की अस्थिरता को देखते हुए कई विशेषज्ञों ने क्रिप्टोकरेंसी के विनिमय के संदर्भ में आशंकाएँ जाहिर की हैं।

निष्कर्षतः भविष्य की ज़रूरतों और इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक है कि क्रिप्टोकरेंसी के संदर्भ में सरकार, डिजिटल मुद्रा के विशेषज्ञों और सभी हितधारकों के बीच समन्वय, को बढ़ाया जाए जिससे इस क्षेत्र के बारे में जन-जागरूकता को बढ़ाया जा सके।

भारत में इस साल के अंत तक आएगा डिजिटल प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है करेंसी मॉडल, RBI ने दी जानकारी

केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी पर काम कई वर्षों से चल रहा है। प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन के माध्यम से डिजिटल करेंसी ने बहुत अधिक लोकप्रियता हासिल कर ली है।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: August 06, 2021 17:06 IST

RBI says Digital currency model likely by the end of year- India TV Hindi

RBI says Digital currency model likely by the end of year

नई दिल्‍ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उम्‍मीद जताई है कि वह देश में व्‍यवस्थित डिजिटल करेंसी के ऑपरेशन के लिए मॉडल को इस साल के अंत तक पेश कर सकता है। आरबीआई के डिप्‍टी गवर्नर टी रबि शंकर ने शुक्रवार को कहा कि आरबीआई व्‍यवस्थित डिजिटल करेंसी को पेश करने की संभावना पर आंतरिक मूल्‍याकंन कर रहा है। आरबीआई इसकी संभावना, टेक्‍नोलॉजी, वितरण तंत्र और मान्‍यता तंत्र जैसे मुद्दों को हल करने में जुटा है।

22 जुलाई को अपने एक वक्‍तव्‍य में शंकर ने कहा था कि भारत भी चरणबद्ध ढंग से एक डिजिटल करेंसी को पेश करने पर विचार कर रहा है क्‍योंकि अब इसका समय आ गया है। चीन ने अपनी डिजिटल करेंसी के लिए एक ट्रायल रन शुरू प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है कर दिया है, जबकि बैंक ऑफ इंग्‍लैंड एवं यूएस फेडरल रिजर्व भी डिजिटल करेंसी पर विचार कर रहे हैं।

शंकर ने प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है मौद्रिक समीक्षा नीति के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में संवाददाताओं से कहा कि डिजिटल करेंसी की शुरुआत को लेकर कोई निश्चित तारीख बताना अभी मुश्‍किल होगा। हम निकट भविष्‍य में इसके लिए एक मॉडल पेश करेंगे, संभवता यह इस साल के अंत तक होगा।

22 जुलाई को शंकर ने कहा था कि डिजिटल करेंसी भविष्‍य में हर देश के केंद्रीय बैंक के पास होगी और इस तरह की प्रणाली को स्‍थापित करने के लिए एक सूक्ष्‍म दृष्टिकोण की आवश्‍यकता होगी। केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी पर काम कई वर्षों से चल रहा है। प्राइवेट क्रिप्‍टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन के माध्‍यम से डिजिटल करेंसी ने बहुत अधिक लोकप्रियता हासिल कर ली है। यह ब्‍लॉकचेन टेक्‍नोलॉजी पर आधारित आभासी मुद्रा है।

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बोलते हुए प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह स्‍पष्‍ट किया कि केंद्रीय बैंक की प्राइवेट डिजिटल करेंसी के साथ चिंताएं बरकरार हैं, जो कि नियमित नहीं हैं और इस चिंता से हमनें सरकार को भी अवगत कराया है। इस बीच उन्‍होंने कहा कि डिजिटल लेंडर्स द्वारा ऋण लेने वालों के आत्‍महत्‍या करने के मामले पर जांच करने वाली विशेषज्ञ समिति का काम अंतिम चरण में है और इस महीने के अंत तक समिति अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। दास ने कहा कि एक बार रिपोर्ट मिल जाने के बाद, आरबीआई इसका अध्‍ययन करेगा और सिफारिशों के आधार पर उचित कार्रवाई करेगा।

2023 की शुरुआत में पेश हो सकती है देश की आधिकारिक डिजिटल मुद्रा

डिंपल अलावाधी

RBI on Cryptocurrency: भारतीय रिजर्व बैंक की फिनटेक की ओर से पेश किए जाने वाले नए प्रोडक्ट्स और सर्विस से जुड़े लाभ और रिस्क पर कड़ी नजर है।

CBDC for wholesale and retail segment RBI official

  • सीबीडीसी सरकार समर्थित डिजिटल मुद्रा होगी।
  • साल 2023 की शुरुआत में CBDC पेश हो सकती है।
  • 25वीं FSR में आरबीआई गवर्नर ने क्रिप्टो को खतरा बताया था।

नई दिल्ली। हाल ही में भारत के केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) एक स्पष्ट खतरा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में सीबीडीसी पेश किरने की घोषणा की थी। अब केंद्रीय बैंक के कार्यकारी निदेशक (फिनटेक) अजय कुमार चौधरी ने जानकारी दी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) होलसेल और रिटेल सेगमेंट में चरणबद्ध तरीके से सेंट्रल बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के क्रियान्वयन को लेकर काम कर रहा है।

सेंट्रल बैंक डिजिटल मुद्रा के लिए वित्त विधेयक (Finance Bill 2022) पारित होने के साथ आरबीआई कानून, 1934 में संबंधित धारा में जरूरी बदलाव किए गए। इंडस्ट्री एसोसिएशन फिक्की के PICUP फिनटेक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अजय कुमार चौधरी ने कहा कि फाइनेंस बिल के पारित होने के साथ भारतीय रिजर्व बैंक पायलट आधार पर सीबीडीसी का क्रियान्वयन करने की स्थिति में आ गया है।

क्या है सीबीडीसी?
आगे उन्होंने कहा कि, 'आरबीआई होलसेल और रिटेल खंड में सेंट्रल बैंक डिजिटल मुद्रा के चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वयन करने के लिए काम कर रहा है।' उल्लेखनीय है कि सीबीडीसी डिजिटल मुद्रा है। लेकिन इसकी प्राइवेट डिजिटल मुद्रा या क्रिप्टोकरेंसी से तुलना प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है नहीं की जा सकती है। पिछले एक दशक में क्रिप्टोकरेंसी तेजी से बढ़ी है।

क्रिप्टोकरेंसी से अलग है सीबीडीसी
प्राइवेट डिजिटल मुद्रा का कोई जारीकर्ता नहीं है। यह किसी व्यक्ति के लोन या देनदारियों का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। मालूम हो कि देश की आधिकारिक डिजिटल मुद्रा अगले साल की शुरुआत में पेश की जा सकती है। डिजिटल मुद्रा मौजूदा प्राइवेट कंपनी द्वारा संचालित इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट की तरह ही होगी।

तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल पेमेंट सेक्टर में फिनटेक की भूमिका पर अधिकारी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने नवोन्मेष को बढ़ावा दिया है।

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प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी में अपने रिस्क पर करें निवेश-RBI गवर्नर

प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी में अपने रिस्क पर करें निवेश-RBI गवर्नर

क्रिप्टोकरेंसी Cryptocurrency को लेकर दुनिया भर में उथल-पुथल मची हुई है। अब इस पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया Reserve Bank of India (RBI) के गर्वनर Governor शक्तिकांत दास Shaktikanta Das ने क्रिप्‍टोकरेंसीज में निवेश को लेकर चेतावनी caution दी है। एक मौद्रिक नीति बैठक monetary policy meeting के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में RBI गवर्नर ने कहा कि, प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी वित्तीय स्थिरता financial stability के लिए बड़ा खतरा हैं। निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि वो अपने जोखिम risks पर निवेश कर रहे हैं। आरबीआई गवर्नर ने ‘ट्यूलिपमेनिया' Tulipmania का जिक्र भी किया। इसमें निवेशक अफवाहों में आकर किसी संपत्ति पर पैसा लगा देते हैं। आखिर में मामला पानी के बुलबुले water bubbles की तरह हो जाता है। शक्तिकांत दास ने क्रिप्‍टोकरेंसी को भी ऐसा ही बताया है। उन्होंने कहा कि इसका कोई अंतर्निहित underlying मूल्य नहीं है। एक ट्यूलिप भी नहीं। गौर करने वाली बात ये है कि, इस साल के केंद्रीय बजट Union Budget में सरकार ने किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट Virtual Digital Asset के ट्रांसफर के जरिए होने वाली आय पर 30 फीसदी टैक्स Tax लगाने की बात कही है।

पर बैन! जानिए कौन सी मुद्रा कहलाती है प्राइवेट क्रिप्‍टोकरंसी, जिस पर नहीं है RBI का बस

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Cryotocurrency को भारत में वैध बनाने की प्रक्रिया के बीच केंद्र सरकार इस Parliament Winter Session में एक बड़ा बिल लाने की तैयारी कर रही है। लोकसभा बुलेटिन के मुताबिक निचले सदन में पेश किए जाने वाले Bills की लिस्‍ट में प्राइवेट क्रिप्टोकरंसी बिल है

Cryptocurrency ब्‍लॉकचेन तकनीक पर काम करती है।

नई दिल्‍ली,। Cryotocurrency को भारत में वैध बनाने की प्रक्रिया के बीच केंद्र सरकार इस Parliament Winter Session में एक बड़ा बिल लाने की तैयारी कर रही है। लोकसभा बुलेटिन के मुताबिक निचले सदन में पेश किए जाने वाले Bills की लिस्‍ट में प्राइवेट क्रिप्टोकरंसी और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 (The Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2021) लिस्‍टेड है। यहां प्राइवेट क्रिप्‍टोकरंसी (Private Cryptocurrency) शब्‍द पर ध्‍यान देने की जरूरत है।

बता दें कि भारत में अभी Cryptocurrency को लेकर कोई पाबंदी नहीं है। भारतीय निवेशकों ने इसमें काफी रकम लगा रखी है। लोकसभा की वेबसाइट के मुताबिक सरकार बिल लाकर रिजर्व बैंक को यह अधिकार देगी कि वह अपनी डिजिटल करंसी ला सके और उसकी रूपरेखा तैयार कर सकेगा। इसके साथ ही Private Cryptocurrency को बैन किया जाएगा। यानि Bitcoin, Ether, binance coin, solana और dogecoin, Monero, Dash जैसी आभासी मुद्रा में खरीद-फरोख्‍त करने पर पाबंदी

क्‍या है Private Cryptocurrency

सरकार की तरफ से अभी यह साफ नहीं है कि वह किस Private Cryptocurrency की बात कर रही है। हालांकि Bitcoin, Ether या दूसरी आभासी मुद्राएं भी एक तरह की प्राइवेट क्रिप्‍टोकरंसी है, जिसे कोई सेंट्रल बैंक या सरकार नियंत्रित नहीं करते हैं। Bitocoin और दूसरी करंसी अनजान और ट्रेस न किए जा सकने वाले ट्रांजैक्शन की अनुमति देती हैं। कोई भी सरल तकनीक का इस्तेमाल करते हुए Bitcoin बना सकता है

Monero-Dash भी प्राइवेट क्रिप्‍टोकरंसी

Monero, Dash और दूसरे Crypto token भी प्राइवेट क्रिप्‍टोकरंसी में आते हैं। इन प्राइवेट क्रिप्‍टोकरंसी में यूजर की प्राइवेसी बनी रहती है। उसका डेटा सुरक्षित रहता है। इसे प्राइवेट टोकन प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है भी कहते हैं।

कैसे करती है काम

Cryptocurrency की बात करें तो यह एक तरह की Private virtual currency है। यह जिसके पास भी है वह उसका मालिक है। मसलन Bitcoin या Ether, जिनकी मार्केट वैल्‍यू काफी ज्‍यादा है। 1 Bitcoin की कीमत 60 हजार डॉलर के आसपास है। इन करंसी में खरीद-फरोख्‍त पब्लिक लेजर के जरिए होती है। इसमें कोई भी भाग ले सक

क्‍या है ब्‍लॉकचेन

Cryptocurrency ब्‍लॉकचेन तकनीक पर काम करती है। यह एक डिजिटल फाइल है, जिसे किसी भी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी क्या है सूरत में एमेंड नहीं किया जा सकता। डेटा वितरण के लिए यह Peer to peer mechanism पर काम करती है। मसलन अगर कोई यूजर दूसरे साथी को 20 यूनिट ट्रांसफर करना चाहता है तो ऐसे ट्रांजैक्‍शन में बैंक या केंद्रीय इकाई नियंत्रण करती है। लेकिन Blockchain में कोई केंद्रीय नियामक नहीं होता। हर यूजर को डिजिटल फाइल पर नियंत्रण होता है।

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